
#चर्चाओं में रहने का हमें शौक नहीं, हमारी हर बात के #चर्चे हैं तो हम क्या करें..
वो दिल ही क्या जो किसी के लिए धड़के ही नहीं, वो #Attitude ही क्या जो किसी को
खटके
ही नहीं..
दुश्मन को जलाना
और दोस्त
के लिए जान की बाजी लगाना हमारी
फितरत है..
मत देख तू मुझे ऐसे वरना #नजर लग जाएगी Ego छोड़ #Attitude में जी तेरी ज़िंदगी संवर जाएगी..
रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर जमाना कि शामिल नहीं हैं फितरत में
मेरी सर झुकाना..
हम तो #दुश्मन की शकल देख कर उसकी
औकात बता देते हैं..
बंदा नहीं है कोई #टक्कर ✘ का आज की #तारीख में.. इसलिए लफ्ज़ कम पड़ जाते हैं हमारी तारीफ़ में..
नाम एक दिन में नहीं बनता लेकिन एक
दिन जरूर #बनता है..
किसी को इतना भी मजबूर ना करो कि उसकी ख़ामोशी टूटे और
वो तुम्हारी धज्जियाँ उड़ा दे..
तुम्हें लगता है कि गलत हूँ मैं
तो सहीं हो तुम क्योंकि थोड़ा अलग हूँ मैं..
हथियार तो सिर्फ शौक के लिए रखा करते हैं
खौफ के लिए तो बस
नाम ही काफी है..
शहर में मेरी दो ही पहचान है, आँखे
शराबी
और आदत
नवाबी..
मेरे साथ रहना है तो मुझे सहना सिख, वरना
अपनी #औकात में रहना सिख..